Trending

Jaunpur News : रामकथा में गुजा राम जन्मोत्सव और शिव-पार्वती विवाह का मनोहारी प्रसंग

Technical Team
बक्शा। स्थानीय विकास क्षेत्र के उमरछा गांव स्थित श्री मृत्युंजय महादेव धाम पर आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामचरितमानस नवाह्न परायण पाठ एवं संगीतमय कथा ज्ञान यज्ञ के दिन श्रोताओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पंडित रघुश्रेय जी महाराज ने अपनी सुमधुर वाणी से भगवान श्री राम के जन्म और माता पार्वती व देवाधिदेव महादेव के विवाह का अत्यंत मनोहारी वर्णन किया। कथा प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से रात्रि 7:00 बजे तक चलती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रोतागण रसपान कर कथा की समाप्ति के बाद  सभी भक्तों में  प्रसाद का वितरण किया गया।
कथा में प्रभु श्री राम के प्राकट्य उत्सव का प्रसंग सुनाते हुए पंडित रघुश्रेय जी महाराज ने कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भक्तों के कल्याण के लिए भगवान मानव रूप में अवतार लेते हैं। 'भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला' के जयघोष से पूरा पंडाल गुंजायमान हो उठा और श्रोता झूमने लगे।


वहीं शिव-पार्वती विवाह के पावन प्रसंग की व्याख्या करते हुए कथा व्यास ने कहा कि शिव और शक्ति का मिलन लोक कल्याण का प्रतीक बताया। शिव विवाह के भजनों पर श्रोता भावविभोर होकर नृत्य करने लगे।
कथा से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्य यजमान सुशील कुमार उपाध्याय व उनकी पत्नी पद्मा उपाध्याय, यजमान विनोद शुक्ल व उनकी पत्नी शालिनी शुक्ल, तथा दीनानाथ उपाध्याय व उनकी पत्नी सरोज उपाध्याय ने विधि-विधान से पोथी पूजन और आरती की। धार्मिक अनुष्ठान एवं पूजन का कार्य आचार्य पंडित अभिषेक मिश्र और पंडित हीरामणि उपाध्याय द्वारा संपन्न कराया गया।


इस पावन अवसर पर मुख्य रूप से रमाशंकर उपाध्याय, राम सागर शुक्ल, केशव शुक्ल, त्रिलोकीनाथ शुक्ल, सतीश उपाध्याय, कैलाश नाथ शुक्ल, लक्ष्मी उपाध्याय, अशोक दुबे, कृष्ण शुक्ल, अरविंद शुक्ल, विकास शुक्ल, संतोष शुक्ल और मोनू सहित क्षेत्र के सैकड़ों भक्तगण उपस्थित रहे।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!