बरसठी | थाना क्षेत्र के महुआरी गांव में अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति के साथ मारपीट, गाली-गलौज, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में 20 लोगों के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
उक्त गांव निवासी रमापति ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि बीते 16 जून की सुबह गांव के कुछ लोग जेसीबी से उनके घर के बगल की जमीन की खुदाई कर रहे थे। खुदाई से मकान को नुकसान पहुंचने की आशंका जताते हुए उन्होंने इसका विरोध किया और डायल-112 पर सूचना देने के साथ जिला प्रशासन से भी शिकायत की। इसके बावजूद आरोपितों ने खुदाई जारी रखी। आरोप है कि उसी दिन दोपहर करीब एक बजे जब वह घर पहुंचे तो नामजद आरोपितों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों के साथ भी मारपीट की गई।शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपितों ने उनकी मोटरसाइकिल में तोड़फोड़ करने के बाद उसे अपने साथ ले गए और दोबारा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि घटना में घायल लोगों का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश पर बरसठी पुलिस ने पप्पू, अमरनाथ यादव, आकाश यादव समेत 20 लोगों को नामजद करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(va) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 333, 324(4), 351(3), 352, 115(2) और 191(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस संबंध में थाना प्रभारी जयप्रकाश यादव ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना की जा रही है।
