Jaunpur News : मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव के प्रति लोगों को किया गया जागरूक

जौनपुर। एंटी मलेरिया माह जून 2026 के प्रथम दिवस पर जिला मलेरिया अधिकारी सुनील यादव के निर्देशन में जिला मलेरिया फाइलेरिया टीम से इंद्रजीत सिंह, सुनील तिवारी, शिवशंकर वर्मा ने नगर के नखास मोहल्ले एवं जहांगीराबाद में मलेरिया जागरूकता कार्यक्रम जैसे पोस्टर पेस्टिंग, पैम्फलेट वितरण, एंटीलार्वल स्प्रे, ब्रीडिंग सोर्स रिडक्शन, स्वास्थ्य शिक्षा आदि कार्य किया। इसी के अगली कड़ी में राकेश सिंह के सहयोग से प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आशीष सिंह एवं अर्बन कॉर्डिनेटर प्रवीण पाठक के नेतृत्व में अर्बन पीएचसी मातापुर में आशा संवेदीकरण बैठक भी की गयी जहां मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव, जागरूकता आदि के बारे में जानकारी दी गई।
इस मौके पर बताया गया कि मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाला एक संक्रामक रोग है। इसका परजीवी प्लाज्मोडियम नामक एक सूक्ष्म जीव होता है। यदि मादा एनाफिलीज मच्छर किसी मलेरिया संक्रमित व्यक्ति को काटकर किसी स्वस्थ व्यक्ति को कटेगा तो उन्हें भी संक्रमण फैला सकता है। जल जमाव होगा जहां, मच्छर पैदा होंगे वहां। मलेरिया फैलाने वाला मच्छर रुके हुए पानी में प्रजनन करता है और नम, छाया दार, अंधेरे, गंदे स्थानों पर रहता है। मलेरिया में ठंडक, कंपकपी के साथ तेज बुखार आता है। जांच इलाज में देरी पर उल्टी, मितली, खून की कमी, भूख में कमी, तिल्ली का बढ़ना आदि लक्षण आते हैं।
मलेरिया के जांच, उपचार की निःशुल्क व्यवस्था जनपद के समस्त सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज, आयुष्मान आरोग्य मंदिर हर जगह उपलब्ध है। मलेरिया के लक्षण दिखाई दें तो घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जाकर अपना निःशुल्क जांच उपचार कराएं और मलेरिया से मुक्ति पायें। हर रविवार, मच्छर पर वार, लार्वा पर प्रहार, मलेरिया का संहार। मलेरिया से बचाव के लिए अपने घरों के अंदर, बाहर, आस—पास सफाई रखें, झाड़ियां साफ करें, जलजमाव न होने दें, जलपात्रों में भी पानी न एकत्र होने दें, कूलर, गमला, फ्रिज की ट्रे का पानी भी सप्ताह में बदल दें। रुके पानी में जला मोबिल ऑयल डालें, नालियों में कूड़ा कचरा न डालें, उन्हें नियमित साफ रखें। सोते समय मच्छरदानी लगाएं, खुली बदन न सोयें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, बुखार की स्थिति में हल्का, तरल खाद्य सामग्रियों का सेवन करें, तला भुना गरिष्ठ भोजन न करें, शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने वाले खाद्य सामग्री ग्रहण करें।

0 Comments

Post a Comment

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post