जौनपुर। जनपद के खुटहन ब्लॉक के अंतर्गत पनौली गाँव के सरकारी ट्यूबवेल की नाली मरम्मत में मानकविहीन एवं अधूरा कार्य किया गया। कार्य पूरा होने के तुरंत बाद से गाँव के विवेक त्रिपाठी जिनका खेत ट्यूबवेल से लगभग 250 मीटर से ज्यादा की दूरी पर अंदर है और नाली की पटरियां पैदल भी चलने लायक नहीं रात में अगर खेत भरना हो चलना बड़ी मुस्किल से होता है। किसान फिसलकर गिर जाता है। नाली के दोनों तरफ लगभग 7-7 कड़ी सरकार नाली की जमीन है। श्री त्रिपाठी लगातार ऑनलाइन के माध्यम एवं ट्विटर के माध्यम से उसको पटाने के लिये शिकायत कर रहे हैं लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा फर्जी निस्तारण कर ऊपर भेज दिया जाता है।
अधिकारी द्वारा कहा जाता है कि बजट नहीं है जबकि जेई खुद जाकर मौका देखकर आए हैं। उसके बाद कहते हैं कि एक हफ्ते कार्य को करा दिया जायेगा। लगभग 7 महीने से ज्यादा हो गये हैं। आज तक एक हफ्ता नहीं बीता, ऐसे में लगता है सिंचाई विभाग के अधिकारी सरकार की धज्जियां उड़ाते आ रहे हैं। उन्हें फर्जी निस्तारण की जैसे लत हो गयी है। जहां योगी सरकार किसान हित की बात कर रहीं हैं, वहीं विभागीय अधिकारी उनकी मंशा पर ढाक के तीन पात पर कहावत पर अडिग है। श्री त्रिपाठी ने जिलाधिकारी प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई कि मामले को संज्ञान में लेकर जाँच कराकर भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही कर किसानों के हित में न्याय करें जिससे किसानों का भरोसा न्याय पर टिका रहे।

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