धर्मापुर, जौनपुर। स्थानीय विकास खण्ड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पिलखिनी में जिला मलेरिया अधिकारी सुनील यादव के नेतृत्व में सीएचओ लक्ष्मी विश्वकर्मा और क्षेत्रीय आशाओं के सहयोग से डीओ पाथ अमरेश कुमार की उपस्थिति में फाइलेरिया लिम्फोडिमा मरीजों के लिये रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता रोकथाम कैम्प लगा जहां फाइलेरिया मरीजों को हाथ—पैर की नियमित साफ सफाई, धुलाई, एक्सरसाइज, उचित आकार के चप्पल सैंडल पहनने, कटने, जलने, चोट लगने से बचाव, एक्यूट अटैक प्रबंधन आदि के बारे में विस्तार पूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। फाइलेरिया के कारण, लक्षण बचाव जांच उपचार आदि की जानकारी दी गई। मच्छरों से बचाव एवं उनकी रोकथाम के बारे में जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण के उपरांत समस्त 15 फाइलेरिया लिम्फोडिमा मरीजों को एमएमडीपी किट भी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में बीमारी प्रबंधन आदि की जानकारी एवं एमएमडीपी किट पाकर मरीजों ने काफी खुशी जताई। फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलने वाला एक संक्रामक रोग होता है जिसका परिजीवी वुचरेरिया बैंकराफ्टी होता है। इसका मच्छर रुके हुए पानी में पैदा होता है। फाइलेरिया में मुख्यतः हाथ, पैर, स्तन, अंडकोष में सूजन आ जाती है, पेशाब का रंग दूधिया काईलुरिया रोग हो जाता है। समय पर जांच उपचार न मिलने पर यह लाइलाज हो जाता है। नियमित रूप से एक्सरसाइज, योग, साफ सफाई, धुलाई आदि रुग्णता प्रबंधन, केयर अपना कर, मच्छरों से बचाव कर फाइलेरिया संक्रमण और उसके दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।

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