आजादी के सात दशक बाद भी अंधेरे में परानपुर सुरहरा के ग्रामीण | Sanchar Setu



जौनपुर। सरकार की ओर से हर घर बिजली पहुंचाने के दावे कागजों पर तो सौभाग्यशाली दिख रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत आज भी अंधेरे में डूबी है। जनपद को छह साल पूर्व ही पूर्ण विद्युतीकृत घोषित कर दिया गया था, मगर रामपुर विकास खंड का परानपुर सुरहरा गांव इस दावे की पोल खोल रहा है। यहां की बस्तियां आज भी ढिबरी युग में जीने को मजबूर हैं। थक-हारकर ग्रामीणों ने बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
विभागीय आंकड़ों की मानें तो दस घर से कम वाले मजरों में सोलर लाइट लगाकर जनपद को काफी पहले ही संतृप्त घोषित किया जा चुका है। अधिकारियों ने घूम-घूमकर अपनी पीठ भी थपथपाई, लेकिन परानपुर सुरहरा गांव की तस्वीर इसके उलट है। यहां की लगभग 30 घरों वाली पाल बस्ती, पटेल बस्ती व वनवासी बस्ती में आज तक बिजली का एक पोल तक नहीं लगा है। हैरानी की बात यह है कि यहां शासन की सोलर पैनल योजना का लाभ भी नहीं पहुंचा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले पांच वर्षों से जनप्रतिनिधियों से लेकर जिलाधिकारी तक के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ हाथ नहीं लगा। गांव के बच्चे आज भी मिट्टी के तेल की ढिबरी जलाकर पढ़ने को मजबूर हैं। प्रशासन की इस बेरुखी से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भाजपा मछलीशहर जिलाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह को सौंपा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या जायज है और इस संबंध में संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों व शासन स्तर पर वार्ता कर जल्द से जल्द विद्युतीकरण कराया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से राजकुमार पाल, राम बचन पाल, गोलू वनवासी, राम चन्द्र पाल, अरुण कुमार पाल समेत अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

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