जौनपुर। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में, मुख्य सचिव महोदय तथा राजस्व विभाग के समन्वय से, प्रमुख सचिव (राजस्व) एवं चेयरमैन, बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के दिशानिर्देशों के अनुरूप जनपद जौनपुर में चकबंदी विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की गई है।
जनपद के ऐसे ग्राम, जिनकी चकबंदी प्रक्रिया दशकों पूर्व प्रारंभ होने के बावजूद लंबित थी, उन्हें सतत पर्यवेक्षण, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रेरणादायी प्रयासों तथा निरंतर समीक्षा के फलस्वरूप वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्ण कर चकबंदी से मुक्त किया गया है। इनमें ग्राम पौहा (1970 में अधिसूचित) की चकबंदी 55 वर्ष बाद, ग्राम बेलछा (1979) की 46 वर्ष बाद, ग्राम सिहौली (1983) की 43 वर्ष बाद, ग्राम मैदासपट्टी (1980) की 46 वर्ष बाद तथा ग्राम कैलावर (1995) की 31 वर्ष बाद सफलतापूर्वक पूर्ण की गई है। इसके साथ ही विभाग द्वारा नव अधिसूचित ग्रामों की चकबंदी प्रक्रिया को त्वरित रूप से पूर्ण करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत ग्राम हरिबल्लभपुर की चकबंदी मात्र डेढ़ वर्ष में पूर्ण की गई है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। जिसके लिए उन्होंने चकबंदी विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की सराहना भी की।
साथ ही पाली एवं सुरीश देहाती जैसे ग्रामों, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य प्रगति पर है, वहां भी चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण कर स्थानीय समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया गया है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण हेतु दिए गए निर्देशों का परिणाम है। इस अवसर पर चकबंदी एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिनके सहयोग से वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण कर आमजन को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है।

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