Jaunpur : ​अली—अली, हाय अली की सदा से गूंज उठा शिराज—ए—हिन्द

संजय शुक्ला @ जौनपुर। शहर के मीरमस्त स्थित मस्जिद शाह अता हुसैन से 20 रमजान मंगलवार को हजरत अली की शहादत पर अलम और ताबूत का कदीम जुलूस बरामद हुआ। अंजुमन जुल्फेकारिया के हमराह यह जुलूस उठा जिसमें भारी संख्या में शिया समुदाय के लोगों ने शिरकत करके हजरत अली को खिराजे अकीदत पेश किया। वहीं जुलूस में भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। हर किसी की जुबां पर अली—अली, हाय अली, हाय अली की सदा थी।
मौलाना महफुजूल हसन खां पेश इमाम शिया जामा मस्जिद ने मजलिस को खेताब करते हुये हजरत अली की जिंदगी पर रोशनी डाली जिसके बाद जुलूस मस्जिद से बरामद हुआ जो बड़ी मस्जिद से होता हुआ नवाब युसूफ रोड पहुंचा। यहाँ मौलाना जीशान ने तकरीर किया। इस बार उन्होंने मौला अली की शहादत पेश किया। फिर यह जुलूस कोतवाली चौराहा पहुंचा जहां तकरीर ज़ाकिर-ए-अहलेबैत बेलाल हसनैन ने किया। इसके बाद जुलूस चहारसू चौराहा पहुंचा। वहीं ढालगर टोला, इमामबाड़ा मद्दू मरहूम में मजलिस को मौलाना कैसर अब्बास आज़मी ने खेताब किया। यहां से कदीम तुरबत और अलम का जुलूस अंजुमन हुसैनिया के नेतृत्व में निकाला गया।
नवाज़ हसन व अदीब ने अपने दर्द भरे नौहे पढ़कर माहौल गमगीन कर दिया। ये जुलूस कदीम रास्ते से होता हुआ चहारसू पहुँचा जहाँ दूसरे जुलूस में शामिल हो गया। यहां पर शिया इंटर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल मोहम्मद हसन नसीम ने तकरीर की। फिर अंजुमन जुल्फकारिया के हमराह यह जुलूस शाही पुल, ओलन्दगंज, जोगियापुर, कचहरी होते हुए हुसैनाबाद स्थित शाह पंजे जाकर समाप्त हुआ। संचालन मेंहदी रज़ा एडवोकेट ने किया। शाह के पंजे में   मगबरबैन की नमाज मौलाना महफ़ूजुल हसन खां ने अदा कराया। बाद में रोजेदारों ने रोजा इफ्तार किया। मुतवल्ली तहसीन शाहिद व मुन्ना अकेला ने यहाँ सभी मुकम्मल व्यवस्था किया था। यहां भी अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी।
जुलूस को शान्तिपूर्ण सम्पन्न कराने वालों में अंजुमन जुल्फेकारिया के उपाध्यक्ष अकबर हुसैन उर्फ शमशीर, मरकजी मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष शहंशाह हुसैन रिजवी, परवेज़ हसन, मुस्तफा शम्सी, फैज, मोहम्मद अब्बास आरिफ, मो. शाहिद, जहीर हसन, माजिद हसन,  सकलैन हैदर, मिर्ज़ा जमील, शाहिद मेंहदी, नेहाल हैदर आदि लोगों ने अहम भूमिका निभाई।

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