जौनपुर। जमाते-ए-इस्लामी हिन्द शहर की तरफ से जरूरतमंद परिवारों में रमजान किट बांटी गई। यह कार्यक्रम सभी के सहयोग से सम्भव हो सका। इसके पहले संगठन के लोगों ने कई मोहल्लों से जरूरतमंद परिवारों की पहचान की और बुलाकर उन्हें रमजान किट दिया गया।
रमजान का पवित्र माह चल रहा है। ऐसे में हर मुसलमान चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा नेक काम के साथ इबादत करें और सवाब कमाएं। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर स्थित शाही किला के पास जमाते-ए-इस्लामी हिन्द ने कमजोर परिवारों को रमजान किट बांटने का काम किया। यह संगठन बिना किसी भेदभाव के मानवीय आधार पर जरूरतमंदों की सहायकता करता है। रमजान के पवित्र माह में जितना सवाब रोजा रखकर तिलावत करने का है, उतना ही सवाब अपनी कमाई से गरीबों का हक निकालकर उन्हें बांटने का है। यह संस्था हर साल रमजान के महीनें में जरूरतमंदों को रमजान किट बांटने का काम करती है। जमाते इस्लामी हिन्द के लोग मोहल्लों में सर्वे कर ऐसे परिवारों को चुनते हैं जो रमजान किट के असली हकदार होते है। इन लोगों द्वारा यह काम पिछले कई वर्षों से नगर में लगातार किया जा रहा है और आगे भी किया जाता रहेगा। इस अवसर पर फर्रूख शियर, शफिउज्जमा, नईयर जमाली, मो फिरोज, मो आसिम, मो आफताब सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
रमजान का पवित्र माह चल रहा है। ऐसे में हर मुसलमान चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा नेक काम के साथ इबादत करें और सवाब कमाएं। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर स्थित शाही किला के पास जमाते-ए-इस्लामी हिन्द ने कमजोर परिवारों को रमजान किट बांटने का काम किया। यह संगठन बिना किसी भेदभाव के मानवीय आधार पर जरूरतमंदों की सहायकता करता है। रमजान के पवित्र माह में जितना सवाब रोजा रखकर तिलावत करने का है, उतना ही सवाब अपनी कमाई से गरीबों का हक निकालकर उन्हें बांटने का है। यह संस्था हर साल रमजान के महीनें में जरूरतमंदों को रमजान किट बांटने का काम करती है। जमाते इस्लामी हिन्द के लोग मोहल्लों में सर्वे कर ऐसे परिवारों को चुनते हैं जो रमजान किट के असली हकदार होते है। इन लोगों द्वारा यह काम पिछले कई वर्षों से नगर में लगातार किया जा रहा है और आगे भी किया जाता रहेगा। इस अवसर पर फर्रूख शियर, शफिउज्जमा, नईयर जमाली, मो फिरोज, मो आसिम, मो आफताब सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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