Jaunpur : ​ ​शिया मुस्लिम समुदाय ने अदा की अलविदा जुमा की नमाज

जौनपुर। शिया जामा मस्जिद नवाब बाग में अलविदा जुमा की नमाज परम्परागत तरीके से इमामे जुमा व पिरन्सिपल जामिया इमानिया नासरिया ने अदा कराई। इस मौके पर खुत्बा ए जुमा में उन्होंने रमजान की अहमियत पर रौशनी डाली। साथ ही कहा कि रमजान में मुसलमान अल्लाह का मेहमान होता है। यह वह महीना है जिसमें कुरान नाजिल हुआ। इस महीने में रोजेदारों को अल्लाह की रहमत व बरकत हासिल होती है। उन्होंने यौमे कुदस के हवाले से किब्ला ए अव्वल मस्जिदे अकसा बैतुल मुकद्दस की बहाली के लिये खास दुआ की। साथ ही दुनिया में अमनो—आमान बिलखुसूस ईरान के रहबरे मोअज्जम आयतुल्ला सैय्यद अली खामेनाई की मगफेरत की दुआ की। बाद नमाज़ मजलिसे इसाले सवाब को हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैय्यद एहतेशाम अब्बास जैदी ने खिताब करते हुये कहा कि इस्लाम के मानने वाले कभी भी जालिम के सामने धुटने नहीं टेकते हैं। हमेशा हक के लिये अपने को कुरबान कर देते हैं। इस्लाम अमन पसन्द मजहब है। वह आपसी भाईचारा मोहब्बत एक—दूसरे की मदद पर जोर देता है।
शिया जामा मस्जिद नवाब बाग के मुतवली शेख अली मंजर डेजी ने सहयोग के जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारीगण, नगर पालिका के अधिकारीगण का शुक्रिया अदा किया। इस अवसर पर सैय्यद परवेज हसन, मोहम्मद नासिर रजा, इमरान खान, तालिब रजा शकील एडवोकेट, डा. हाशिम खान, तहसीन अब्बास सोनी, अहमर शाहिद, सैय्यद इन्तेजार रूमी जैदी, अहमद केयरटेकर शिया जामा मस्जिद इत्यादि ने अलविदा जुमा की नमाज की।
इस मौके पर नमाज़ से पहले ख़ुत्बा देते हुए मौलाना सलमान ने कहा कि रमज़ान का महीना रहमत, बरकत और मग़फ़िरत का महीना है। इस महीने में हमें ज़्यादा से ज़्यादा इबादत करनी चाहिए। ग़रीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करनी चाहिए तथा आपसी भाईचारा और मोहब्बत को बढ़ावा देना चाहिए। अल्लाह हम सबकी इबादतों को क़बूल फरमाए और हम सभी को नेक रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ अता करे। नमाज़ के बाद लोगों ने मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआ भी की। मस्जिद में बड़ी संख्या में रोज़ेदार और नमाज़ी मौजूद रहे।

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