Jaunpur : ​नवजात जीवन रक्षा के लिये आधुनिक प्रशिक्षण की पहल

जौनपुर। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) जौनपुर एवं नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम (एनएनएफ) उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को 'नियोनेटल वेंटिलेशन कार्यशाला 2026' का आयोजन हुआ। एक दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण में नवजात शिशुओं की गंभीर स्थिति में उपचार एवं श्वसन सहयोग तकनीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इसमें जौनपुर सहित आस—पास के जनपदों से आये 47 बाल रोग विशेषज्ञों व चिकित्सकों ने सहभागिता किया।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रभात सिंह मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि नवजात शिशुओं की जीवन रक्षा में श्वसन यंत्र संचालन तकनीकों का सटीक ज्ञान अत्यन्त आवश्यक है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाते हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. बी.डी. भाटिया व डॉ. अशोक राय ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि व्यावहारिक प्रशिक्षण से चिकित्सकों की कार्य दक्षता और आत्मविश्वास बढ़ता है जिससे गंभीर मामलों के प्रबंधन में सफलता मिलती है। वहीं वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. तेज सिंह, डा. विनोद सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने अपना विचार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय व राज्य स्तर के विशेषज्ञ डॉ. अमित उपाध्याय राष्ट्रीय महासचिव एनएनएफ), डॉ. आशीष जैन विभागाध्यक्ष नवजात विज्ञान विभाग मौलाना आजाद चिकित्सा महाविद्यालय, डॉ. प्रतिमा प्रोफेसर लेडी हार्डिंग चिकित्सा महाविद्यालय, डॉ. अनीता सिंह प्रोफेसर नवजात विज्ञान संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान तथा डॉ. आकाश पंडिता प्रभारी नवजात गहन चिकित्सा इकाई मेदांता चिकित्सालय लखनऊ शामिल रहे। विशेषज्ञों ने श्वसन सहयोग रणनीति, श्वसन समर्थन, श्वसन यंत्र की विन्यास प्रक्रिया एवं गंभीर प्रकरणों के प्रबंधन पर विस्तृत व्याख्यान एवं व्यावहारिक प्रदर्शन प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. विपुल सिंह सचिव शिशु रोग अकादमी जौनपुर के स्वागत भाषण से हुआ। संचालन में समन्वयक डॉ. फैज़ अहमद, डॉ. अरविंद सिंह व डॉ. मुकेश शुक्ला की अहम भूमिका रही।
आयोजन समिति में डॉ. सरोज यादव अध्यक्ष, डॉ. विपुल सिंह सचिव, डॉ. डी.के. यादव कोषाध्यक्ष, डॉ. गुंजन पटेल, डॉ. जयेश सिंह, डॉ. राजेश कुमार आयोजन सचिव का योगदान उल्लेखनीय रहा। कार्यशाला में जौनपुर, शाहगंज, आजमगढ़, वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, गाजीपुर, मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर से आये चिकित्सकों ने सक्रिय भागीदारी किया। अंत में अध्यक्ष डा. सरोज यादव ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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