सोनू गुप्ता @ मड़ियाहूं, जौनपुर। स्थानीय तहसील क्षेत्र के गोपालापुर में गुरुवार की शाम रामनवमी पर भव्य शोभायात्रा बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ निकाली गई। इस दौरान पूरा क्षेत्र "जय श्रीराम" के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया।
शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की आकर्षक झांकियां सजाई गईं जिन्होंने लोगों का मन मोह लिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। बाजार के व्यापारी, महिलाएं, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल हुए।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। इस दौरान महंगू यादव चौकी प्रभारी गोपालापुर, विजय यादव हेड कांस्टेबल, राजा कुमार, प्रदीप यादव अपनी टीम के साथ मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।
इस भव्य आयोजन में दुर्गेश अग्रहरि, रितेश जायसवाल, राजकुमार जायसवाल, हर्ष जायसवाल, सुनील सेठ, हरीशचंद्र गुप्ता, विमल दुबे, प्रदीप जायसवाल, गब्बर जायसवाल, डॉ आलोक, ज्ञान प्रकाश सिंह, रेखा पाण्डेय, हिमताज परिवार संजय जायसवाल, विकास गुप्ता, विनय गुप्ता, अमित गुप्ता, पवन जायसवाल सहित बाजार के तमाम लोग उपस्थित रहे। यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का भी संदेश दे गई।
शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की आकर्षक झांकियां सजाई गईं जिन्होंने लोगों का मन मोह लिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। बाजार के व्यापारी, महिलाएं, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल हुए।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। इस दौरान महंगू यादव चौकी प्रभारी गोपालापुर, विजय यादव हेड कांस्टेबल, राजा कुमार, प्रदीप यादव अपनी टीम के साथ मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।
इस भव्य आयोजन में दुर्गेश अग्रहरि, रितेश जायसवाल, राजकुमार जायसवाल, हर्ष जायसवाल, सुनील सेठ, हरीशचंद्र गुप्ता, विमल दुबे, प्रदीप जायसवाल, गब्बर जायसवाल, डॉ आलोक, ज्ञान प्रकाश सिंह, रेखा पाण्डेय, हिमताज परिवार संजय जायसवाल, विकास गुप्ता, विनय गुप्ता, अमित गुप्ता, पवन जायसवाल सहित बाजार के तमाम लोग उपस्थित रहे। यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का भी संदेश दे गई।
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