Jaunpur : यातायात व्यवस्था सुधारने के साथ पटरी/ठेला दुकानकारों का भी ध्यान रखे पुलिस!

बेलाल जानी @ जौनपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत भंडारी पुलिस चौकी प्रभारी जयदीप कोल के साथ मुख्य आरक्षियों ने यातायात व्यवस्था सुधारने में घंटों चक्रमण कर रास्ता सुचारू कराया जिससे राहगीरों को जाम में फंसकर कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। दुकानदारों को भी जीवन यापन करने में कोई कठिनाई न हो। पुलिस द्वारा बनाई गई इस व्यवस्था के लिए दुकानदार आपस में चर्चा करते हुए पुलिस जवानों की काफी प्रशंसा कर रहे हैं।
बताया जाता है कि पुलिस के उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार भंडारी पुलिस चौकी अंतर्गत आने वाले सुतहटी बाजार गल्ला मंडी, सब्जी मंडी से जायसवाल धर्मशाला तक सब्जी फल के अलावा विभिन्न वस्तुओं की पटरियों एवं ठेलों पर दुकान लगाने वाले लोगों के सड़क पर अतिक्रमण करने और उनकी नासमझी के कारण राहगीरों एवं एम्बुलेंसो के इस रास्ते से गुजरते हुए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह बात पूरी तरह से सभी जानते हैं लेकिन यातायात व्यवस्था सुधारने के साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि पटरियों और ठेलों पर दुकान लगाने वाले इसी काम से अपना और अपने परिवार की जिविका चलाते हैं। इसको भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है।
हालांकि इन सभी पहलुओं पर गौरों फिक्र करते हुए पूरी तरह ध्यान रखकर भंडारी पुलिस चौकी प्रभारी जयदीप कोल एवं साथी जवानों में हेड कांस्टेबल शमीम अख्तर, रूखसार अहमद, संजय यादव आदि ने शुक्रवार को कई घंटा चक्रमण करते हुए सड़क को पूरी तरह छोड़कर दुकान लगाने वालों को हिदायत दिये। नतीजा यह रहा कि रास्ता भी पूरी तरह आने जाने के लिए सुचारू हो गया और दुकान लगाने वाले भी अपना और परिवार के लिये भरण—पोषण की व्यवस्था करने में सामान्य रूप से कारोबार कर रहे हैं।
दूसरी तरफ पुलिस चौकी टिकुली टोला (राज कालेज) अंतर्गत आने वाले स्थान कोतवाली गेट के बगल दिवार से सटकर पोस्ट आफिस के आगे तक ठेलों पर बच्चों के रेडिमेड वस्त्र, जूडी़, जूता, चप्पल, पेय पदार्थ, गर्म मसाला, श्रृंगार आदि सामानों का कारोबार करने वाले लोगों के ठेलों को लगभग 5 दिन हो गये। चौकी प्रभारी सुनील यादव ने उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार पूरी तरह हटवा दिया है। इसके चलते दुकान लगाने वालों के आगे जीवन यापन के रूप में बड़ी विकट समस्या खड़ी हो गई है।
हालांकि स्थानीय लोगों का यह मानना है कि इन्हीं में से कुछ ठेलों पर दुकान लगाने वाले लोगों द्वारा अपने ठेलों पर लगी दुकानों को सड़क पर लगा लेने के कारण जाम लग जाता है। इसके चलते चौकी प्रभारी ने सभी को एक साथ खदेड़ना ही उचित समझा की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। उनका यह कार्य सराहनीय भी है लेकिन यहां पर यह सवाल उठता है कि कुछ मनबढ़ ठेलों पर दुकानों को लगाकर सड़क को अवरूद्ध करने वाले लोगों की करनी के चलते राहगीरों के अलावा यातायात व्यवस्था प्रभावित हो जाती हैं। उन दुकानदारों का क्या होगा जो यातायात व्यवस्था का पूरी तरह ध्यान रखकर ही सड़क को पूरी तरह छोड़कर अपनी दुकानों को ठेलों पर लगाते हैं और उनका जीवन यापन के लिए बस यही सहारा है। उन लोगों को भी पुलिस लगभग 5 दिनों से लगातार जैसे ही वह अपने ठेलों को लेकर दुकान लगाने के लिए पहुंचते हैं, उन्हें खदेड़कर भगा दिया जाता है। अब यहां पर इस बात की तरफ भी ध्यान देना अति आवश्यक है कि जिस स्थान से लोगों को खदेड़ा गया है। उस स्थान पर दशकों से लोग ठेलों पर दुकान लगाकर अपना और परिवार का पेट पालते चले आ रहे हैं।
अगर पुलिस का कुछ दिन और ऐसा ही रवैया रहा तो वह दिन दूर नहीं जब ठेलों पर दुकान लगाने वाले लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे जो इन सभी के साथ किसी भी सूरत में अच्छा नहीं होगा। समाचार के माध्यम तथा एक सुझाव के तहत ठेलों पर दुकानों को लगाकर जीवन यापन करने वालों की मजबूरियों को ध्यान में रखकर पुलिस के उच्चाधिकारियों का ध्यान इस तरफ आकृष्ट कराया गया है, ताकि इन सभी की परेशानियों को नज़रअंदाज़ न करते हुए कोई इस तरह की व्यवस्था बनाई जाय जिससे यातायात भी प्रभावित न हो और ठेलों पर जिस स्थानो पर अब तक वह दुकानों को अपनी लगाते चले आए है। वहीं उन सभी को दुकानों को लगाने की आज्ञा दी जाय, ताकि उनके सामने अपना और परिवार का भरण—पोषण करने में किसी भी तरह की कठिनाई का उन्हें सामना न करना पड़े।

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