Jaunpur : ​जफराबाद चेयरमैन प्रतिनिधि सहित दो समर्थकों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज

जौनपुर। पुलिस उच्चाधिकारियों के आदेश के सामने थानेदार की एक भी मनमानी नहीं चली।पीड़ित की आवाज को अथक प्रयास के बाद भी नहीं दबा पाया रूतबा, पैसा और समर्थकों का हुजूम। तीसरे दिन ही सही, मुकदमा दर्ज होने से पीड़ित के जख्मों पर मरहम लगा। बता दें कि जफराबाद थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी जिसको दफन करने के लिये कब्र खोदने की बात को लेकर कुछ लोगों में बहस चल रही थी तभी क्षेत्र के शेखवाड़ा मोहल्ला निवासी शाह शब्बीर हुसैन उर्फ बबलू पुत्र स्व. शाह महमूद आलम भी पहुंच गये। विवाद को लेकर थाने पर दिये गये प्रार्थना पत्र में बताया कि कि 25 फरवरी को मखदूमपुर गांव में स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर कब्र खोदने की बात को लेकर विवाद था। उस दौरान जफराबाद चेयरमैन प्रतिनिधि डा. सरफराज खान पुत्र गयासुद्दीन खान, रिजवान खान पुत्र मुस्ताक खान, तारिक खान उर्फ बाबू पुत्र राजू खान उपस्थित थे तभी मैं भी पहुंच गया। डा. सरफराज ने कहा कि कब्र जेसीबी मशीन से खोदी जायेगी। जब मैंने इसका विरोध किया तो डा. सरफराज सहित उनके साथ मौजूद लोगों ने मारपीट व गाली गलौज देते हुये जानमाल की धमकी दिया।
पीड़ित की मानें तो थानेदार द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उल्टा डा. सरफराज द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने उसके अलावा भतीजे, मोहल्ले के 3 व्यक्तियों के विरुद्ध बीएनएस के 5 धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुये गिरफ्तार भी कर लिया। पीड़ित के प्रार्थना पत्र की अनदेखी करते हुये खानापूर्ति के लिये दूसरे पक्ष से एक व्यक्ति को थाने पर बैठाकर शान्ति भंग में निरूद्ध किया। जब इस बात की जानकारी पीड़ित के बड़े भाई शाह नेयाज़ अहमद सभासद को हुई तो वह दूसरे दिन प्रार्थना पत्र लेकर पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचे जहां से क्षेत्राधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाये। पुलिस की एकतरफा कार्यवाही की जानकारी मीडिया के सामने आयी। इसका नतीजा यह रहा कि जब पुलिस के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में यह मामला आया तब कहीं जाकर पीड़ित के प्रार्थना पत्र पर थानेदार को मजबूर होकर चेयरमैन प्रतिनिधि डा. सरफराज सहित उनके दो समर्थकों के विरुद्ध 3 धाराओं में मुकदमा दर्ज करना पड़ा। आम लोगों में थानेदार की कार्यशैली की किरकिरी के साथ काफी चर्चा हो रही है। तीसरे दिन मुकदमा दर्ज करने के संबंध में थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश शुक्ला से दूरभाष पर सम्पर्क कर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मेरे ही आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है।

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