पीड़ित युवक का कहना है कि बैंक मैनेजर ने पहले से ही नकारात्मक रवैया अपनाते हुये तरह-तरह की शर्तें गिनाईं जबकि न उनके कागजात देखे गए और न ही किसी सरकारी ऋण योजना की सही जानकारी दी गई। इससे युवक को गहरी निराशा का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इसी तरह पात्र युवाओं को बैंकों से निराशा मिलती रही तो सरकार की रोजगारपरक योजनाएं केवल फाइलों और आंकड़ों तक ही सीमित रह जाएंगी। लोगों ने बैंक के उच्चाधिकारियों और संबंधित विभागों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
पीड़ित युवक का कहना है कि बैंक मैनेजर ने पहले से ही नकारात्मक रवैया अपनाते हुये तरह-तरह की शर्तें गिनाईं जबकि न उनके कागजात देखे गए और न ही किसी सरकारी ऋण योजना की सही जानकारी दी गई। इससे युवक को गहरी निराशा का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इसी तरह पात्र युवाओं को बैंकों से निराशा मिलती रही तो सरकार की रोजगारपरक योजनाएं केवल फाइलों और आंकड़ों तक ही सीमित रह जाएंगी। लोगों ने बैंक के उच्चाधिकारियों और संबंधित विभागों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
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