Jaunpur News : ​श्रीमद्भागवत कथा के 5वें दिन श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का हुआ भावपूर्ण वर्णन

राकेश शर्मा @ खेतासराय, जौनपुर। श्रीराम जानकी मंदिर ठाकुरद्वारा भारती विद्यापीठ खेतासराय में विश्व शान्ति एवं कल्याण के उद्देश्य से भारती विद्यापीठ के संरक्षक अनिल उपाध्याय के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के 5वें दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा। इस अवसर पर यजमान के रूप में डॉ. उमाकान्त पाण्डेय, डॉ. गरिमा पाण्डेय, प्रवेश उपाध्याय एवं शैलजा उपाध्याय ने पूरे परिवार सहित विधिवत अर्चन-पूजन कर कथा का शुभारंभ कराया।
कथा व्यास अखिलेश चन्द्र मिश्र ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यन्त रोचक एवं भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रोताओं को भाव—विभोर कर दिया। पूतना उद्धार प्रसंग में उन्होंने बताया कि पूतना पर दृष्टि पड़ते ही भगवान का नेत्र बंद करना इस बात का संकेत है कि मनुष्य को अपनी दृष्टि सदैव सुपात्र पर ही डालनी चाहिये और यदि कुपात्र सामने आ जाए तो नेत्र बंद कर लेना ही श्रेयस्कर है।
उन्होंने शकट भंजन, नामकरण संस्कार, माखन चोरी, गोचारण जैसी लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। गोवर्धन पर्वत उठाने की लीला के माध्यम से कथा व्यास ने बताया कि भगवान जिस पर कृपा करते हैं, सबसे पहले उसका अभिमान दूर कर देते हैं। गोवर्धन लीला द्वारा भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को अपनी पूजा का फल प्रदान किया और इन्द्र का अहंकार समाप्त किया।
इस अवसर पर प्राचार्य विनय सिंह, वासुदेव तपेश्वरी गर्ल्स इण्टर कॉलेज की प्रधानाचार्या सुनीता मिश्रा, सफिया खान, विभा पाण्डेय, मनीष गुप्ता धर्मरक्षक, एडवोकेट कुसुम सिंह, शांतिभूषण मिश्रा, आलोक श्रीवास्तव, मण्डल अध्यक्ष उपेन्द्र नाथ मिश्रा सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

0 Comments

Post a Comment

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post