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Jaunpur News : ​महापुरुषों के सत्संग में किसी व्यक्ति, जाति, धर्म की निंदा व आलोचना नहीं की जाती: पंकज महराज

टीम संचार सेतु

डोभी, जौनपुर। जयगुरुदेव आश्रम मथुरा से 122 दिवसीय शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध एवं आध्यात्मिक चेतना जगाने का संकल्प लेकर निकला हुआ जनजागरण काफिला कल सायंकाल डोभी ब्लाक के ग्राम हरदासीपुर में शम्भू सिंह, रामेश्वर सिंह, पप्पू सिंह, सन्तोश यादव आदि के भूखण्ड पर पहुंचा। आज पड़ाव का 46वां दिन रहा। आज अपने सत्संग सम्बोधन में संस्थाध्यक्ष पंकज जी महाराज ने कहा बड़े भाग्य से मानव शरीर मिला और उससे बड़े सौभाग्य की बात है, यह सत्संग का मिलना। महापुरुषों के सत्संग में किसी व्यक्ति, जाति, धर्म की निंदा, आलोचना नहीं की जाती बल्कि भगवान की भक्ति के प्रति प्रेम प्यार पैदा किया जाता है। मनुष्य शरीर की महिमा इसलिये है कि इसी में से प्रभु प्राप्ति का रास्ता जाता है जिसका भेद सन्त महात्मा जानते हैं। इस कलियुग में सन्तों की परम्परा में सन्त कबीरदास जी, नानक जी, रबिदास जी, गोस्वामी जी महाराज, जगजीवन साहब, गोविन्द साहब, पलटू साहब, शिवदयाल जी महाराज, स्वामी घूरेलाल जी महाराज आदि कई सन्तों का अवतरण हुआ जिन्होंने सुरत शब्द योग (नाम योग) साधना का रास्ता बताया और हमारे गुरु महाराज ने तो इसकी पर्त दर पर्त खोलकर जनसुलभ बनाया और करोड़ों लोगों का जीवन बदल कर सन्तमत की इस साधना में लगाया जिसमें आज भी करोड़ों लोग साधनारत हैं। जो रास्ता भजन का आपको बताया गया बहुत ही सरल और गृहस्थ आश्रम में किया जा सकता है।  
उन्होंने आगाह करते हुये कहा कि लोगों ने हिन्सा अपराध का जो रास्ता अपनाया है उससे बहुत मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। इसलिये मानवतावादी बनें। मानव धर्म, मानव कर्म का पालन करें। जीवन में सत्य, दया, करुणा, परोपकार आदि गुणों को अपनायें। सभी महापुरुषों ने अहिंसा पर जोर दिया। जो लोग शाकाहारी-सदाचारी और शराब आदि व्यसनों से मुक्त हैं वे बहुत अच्छे हैं। इस अवसर पर ऋषिदेव श्रीवास्तव, कैलाश सिंह, अमित सिंह, सिकन्दर चौहान, बाबूराम सहयोगी संगत फर्रुखाबाद के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र प्रताप यादव आदि उपस्थित रहे। यात्रा अगले पड़ाव हेतु ग्राम भदवार (प्रा. विद्यालय के सामने) ब्लाक केराकत के लिये प्रस्थान कर गई।

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