जौनपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह के तीसरे दिन रविवार को तीर्थराज हास्पिटल कलीचाबाद में स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम हुआ। मुख्य वक्ता बाल रोग विशेषज्ञ डा. मुकेश शुक्ल ने गर्भवती महिलाओं को स्तनपान से शिशु व मां को होने वाले लाभ के प्रति जागरूक किया। साथ ही बताया कि मां का दूध एक संपूर्ण आहार है। स्तनपान आपके लाडले के लिए बीमारी से बचाव का सुरक्षा कवच है।
उन्होंने आगे कहा कि नवजात को पहले छह महीने तक सिर्फ मां का दूध देना चाहिए। मां का दूध बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाती है और कई संक्रमित बीमारियों से बचाती है। शिशु को स्तनपान कराने से शिशु की मृत्यु दर को कम करता है। मां को शिशु को दो वर्ष से अधिक समय तक स्तनपान कराना जारी रखना चाहिए। बोतल से दूध पिलाना शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। शिशु को डायरिया बीमारी से ग्रस्त कर सकता है। स्तनपान कराने के दौरान धूम्रपान अथवा शराब का सेवन न करें।
इसी क्रम में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. शिखा शुक्ला ने कहा कि स्तनपान कराने से स्तन कैंसर की संभावना कम होती है। शिशु को स्तनपान कराने से प्रसव से पहले खून बहना और एनीमिया की संभावना को कम करता है। स्तनपान कराने से मां को अपनी पुरानी शारीरिक संरचना प्राप्त करने में सहायता करता है और स्तनपान कराने वाली माताओं के बीच मोटापा सामान्यतः कम पाया जाता है।
गोष्ठी को वरिष्ठ चिकित्सक डा. कल्पना शर्मा, डा. आशीष कुमार, अस्पताल के प्रबंधक प्रवीण तिवारी, हेमंत श्रीवास्तव, मनोज मिश्रा सहित मरीज, तीमारदार आदि मौजूद रहे। अन्त में डा. नीलेश शुक्ल ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार जताया।
उन्होंने आगे कहा कि नवजात को पहले छह महीने तक सिर्फ मां का दूध देना चाहिए। मां का दूध बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाती है और कई संक्रमित बीमारियों से बचाती है। शिशु को स्तनपान कराने से शिशु की मृत्यु दर को कम करता है। मां को शिशु को दो वर्ष से अधिक समय तक स्तनपान कराना जारी रखना चाहिए। बोतल से दूध पिलाना शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। शिशु को डायरिया बीमारी से ग्रस्त कर सकता है। स्तनपान कराने के दौरान धूम्रपान अथवा शराब का सेवन न करें।
इसी क्रम में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. शिखा शुक्ला ने कहा कि स्तनपान कराने से स्तन कैंसर की संभावना कम होती है। शिशु को स्तनपान कराने से प्रसव से पहले खून बहना और एनीमिया की संभावना को कम करता है। स्तनपान कराने से मां को अपनी पुरानी शारीरिक संरचना प्राप्त करने में सहायता करता है और स्तनपान कराने वाली माताओं के बीच मोटापा सामान्यतः कम पाया जाता है।
गोष्ठी को वरिष्ठ चिकित्सक डा. कल्पना शर्मा, डा. आशीष कुमार, अस्पताल के प्रबंधक प्रवीण तिवारी, हेमंत श्रीवास्तव, मनोज मिश्रा सहित मरीज, तीमारदार आदि मौजूद रहे। अन्त में डा. नीलेश शुक्ल ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार जताया।
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