बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिये समुदाय आधारित प्रयासों पर दिया गया बल
खेतासराय, जौनपुर। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत यूनिसेफ, आडरा और गावी के सहयोग से संचालित जीरो डोज टीकाकरण कार्यक्रम के तहत ब्लॉक सभागार सोंधी में महत्वपूर्ण जनजागरूकता कार्यशाला एवं सहयोगी व्यक्तियों की बैठक हुई।अध्यक्षता करते हुए एसओ कोऑर्डिनेटर अमिताभ शुक्ल ने बैठक की रूप-रेखा प्रस्तुत की और जीरो डोज कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। साथ ही बताया कि टीकाकरण के माध्यम से भारत चेचक और पोलियो जैसी जानलेवा बीमारियों से मुक्त हुआ है। इसी क्रम में अब बच्चों को 12 अन्य गंभीर बीमारियों से सुरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. नरेंद्र सिंह ने विस्तार से बताया कि टीबी, हेपेटाइटिस-बी, पोलियो, काली खांसी, गलघोंटू, टेटनस, हिमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप बी, निमोनिया, डायरिया, खसरा, रूबेला, दिमागी बुखार जैसी बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने समुदाय से अपील किया कि जिस प्रकार भारत को पोलियो मुक्त करने में जनसहयोग की भूमिका रही, उसी तरह इस अभियान में भी पूर्ण समर्थन दें।
यूनिसेफ के रीजनल कोऑर्डिनेटर प्रदीप ने कहा कि बिना समुदाय के सहयोग के यह कार्यक्रम सफल नहीं हो सकता। वहीं समुदाय प्रतिनिधि मोहम्मद सैयद तारिक ने आश्वासन दिया कि वह मस्जिदों से ऐलान कर टीकाकरण के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे और अन्य मौलवियों व इमामों से भी सहयोग की अपील करेंगे।
खण्ड विकास अधिकारी पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में बुधवार और शनिवार को पंचायत भवन, प्राथमिक विद्यालय तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सचिवों और ग्राम प्रधानों के माध्यम से प्रचार-प्रसार का आश्वासन भी दिया।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सूर्य प्रकाश यादव ने बैठक का समापन करते हुए सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि समुदाय के प्रभावशाली व्यक्तियों की जिम्मेदारी है कि वे झिझक महसूस कर रहे परिवारों से संवाद कर उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर आलोक राय, विप्लव यादव, सुजीत मौर्य, राहुल यादव, अंजना बीएमसी, अवधेश तिवारी, बृजेश वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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