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Jaunpur News : ​एक गंभीर मानसिक बीमारी है सिज़ोफ्रेनिया : डॉ. हरिनाथ यादव

टीम संचार सेतु

सिज़ोफ्रेनिया के बारे में जागरूकता होना जरूरी
जौनपुर। विश्व सिजोफ्रेनिया दिवस के अवसर पर श्री कृष्णा न्यूरो एवं मानसिक रोग चिकित्सालय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री कृष्णा न्यूरो एवं मानसिक रोग चिकित्सालय के डायरेक्टर डॉ. हरिनाथ यादव ने बताया कि 24 मई को विश्व सिज़ोफ्रेनिया दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सिज़ोफ्रेनिया एक गंभीर मानसिक बीमारी है, जो दुनिया भर में 21 मिलियन से ज़्यादा लोगों को प्रभावित करती है। इस दिन का उद्देश्य इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाना और मानसिक बीमारियों से जुड़े मिथकों और अंधविश्वासों को मिटाना है।
डॉ. हरिनाथ यादव ने बताया कि सिज़ोफ्रेनिया के बारे में एक आम मिथक यह है कि इससे पीड़ित लोगों का व्यक्तित्व अलग होता है। हालांकि, यह पूरी तरह से झूठ है। सिज़ोफ्रेनिया के रोगियों का व्यक्तित्व भी हर किसी की तरह एक ही होता है। सिज़ोफ्रेनिया के सामान्य लक्षणों में भ्रमित सोच, भ्रम और मतिभ्रम शामिल हैं। सिज़ोफ़्रेनिया एक मानसिक स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क के कुछ क्षेत्रों में कुछ रसायन असंतुलित हो जाते हैं। अगर ऐसा होता है तो विचारों, कार्यों और भावनाओं के बीच समन्वय की कमी हो सकती है।
डॉ. हरिनाथ यादव ने सिज़ोफ्रेनिया से जूझ रहे लोगों को उनके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करने की सलाह दी। डॉ. हरिनाथ यादव ने बताया कि सिजोफ्रेनिया मरीजों को उपचार योजनाओं का पालन करना, तनाव से दूर रहना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और सहायता समूहों में शामिल होना चाहिए। सिज़ोफ्रेनिया का इलाज दवा और थेरेपी का मिश्रण हो सकता है। दवाओं को ठीक से लें और अपनी थेरेपी सत्रों में नियमित रूप से भाग लें। इस अवसर पर डॉ. सुशील, उमानाथ यादव, प्रतिमा यादव (क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट), जंग बहादुर, आशुतोष, शिव बहादुर समस्त हॉस्पिटल स्टाफ और मरीज एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

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