​Jaunpur : विकसित होगा “गोमती इको विलेज”: कमल लोचन प्रभु


6 से 12 जनवरी तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा
जौनपुर। चहारसू चौराहे के निकट आर्ट ऑफ़ लिविंग सभागार में अन्तर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) की बैठक हुई। इस्कॉन मीरा रोड (मुंबई) एवं वापी गुजरात के अध्यक्ष श्रीमान कमल लोचन प्रभु जी ने भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) की स्थापना 1966 में न्यूयॉर्क शहर में परम पूज्य एसी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद द्वारा की गई थी, जो इस कलियुग में भक्त के रूप में प्रकट होने वाले भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु के दिव्य संदेश को फैलाने के मिशन के साथ पश्चिमी दुनिया में गए थे। इस्कॉन की स्थापना के पीछे का मकसद, भक्ति योग या कृष्ण चेतना को बढ़ावा देना था।
उन्होंने बताया कि शहर से लगभग 24 किमी दूर, भीरा बाज़ार के पास, कुंभ गांव में 40 एकड़ के क्षेत्रफल में "गोमती इको विलेज" विकसित किया जा रहा जो जौनपुर को प्रदेश, देश और विदेश में आध्यात्म और पर्यटन के पटल पर एक प्रमुख पहचान देगा। स्थानीय कौशल विकास, जैविक खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार और संस्कार को बढ़ाने के उद्देश्य से इस स्थान पर आश्रम, गुरुकुल, गौशाला और मंदिर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य में स्थानीय लोगों को जोड़ने का सर्वोत्तम साधन भागवत ही है। कार्यक्रम संयोजक डा. क्षितिज शर्मा ने आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि आगामी 6 से 12 जनवरी को सिद्धार्थ उपवन में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है जिसमे कथा व्यास कमल लोचन प्रभु जी होंगे। 

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